स्वाद बढ़ाने वाली टोमैटो सॉस कहीं सेहत के लिए खतरा तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, समोसा और चाउमीन जैसे फास्ट फूड के साथ टोमैटो सॉस का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद खाने का मजा बढ़ा देता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली यह सॉस आपकी सेहत पर क्या असर डाल सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलने वाली कई टोमैटो सॉस और केचप में टमाटर के अलावा चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम रंगों की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

हापुड़ में नकली सॉस बनाने का मामला आया सामने

हाल ही में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक स्थान पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकली टोमैटो सॉस बरामद की। जांच के दौरान अधिकारियों ने सैकड़ों बोतलें जब्त कीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सॉस तैयार करने में गाजर, स्टार्च, अधिक मात्रा में चीनी, नमक, कृत्रिम रंग और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार ऐसे उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

अधिक चीनी और नमक बढ़ा सकते हैं जोखिम

पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में उपलब्ध कई सॉस में चीनी और सोडियम की मात्रा अपेक्षा से ज्यादा होती है। नियमित रूप से अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा प्रोसेसिंग के दौरान मिलाए जाने वाले कुछ प्रिजर्वेटिव्स और फ्लेवरिंग एजेंट्स पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकते हैं।

पाचन और एलर्जी की समस्या

विशेषज्ञों का मानना है कि कम गुणवत्ता वाले सॉस में मौजूद कृत्रिम रंग और रसायन कुछ लोगों में एलर्जी, पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे उत्पादों का सेवन शरीर में सूजन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकता है।

बच्चों की सेहत पर ज्यादा असर

बच्चों में टोमैटो सॉस का इस्तेमाल सबसे ज्यादा देखा जाता है। फ्राइज, बर्गर, पिज्जा और अन्य जंक फूड के साथ सॉस खाने की आदत उन्हें अधिक चीनी और नमक का आदी बना सकती है। इससे कम उम्र में ही वजन बढ़ना, ब्लड शुगर असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही यह आदत बच्चों को पौष्टिक भोजन से दूर भी कर सकती है।

सॉस खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सॉस खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से पढ़ें। ऐसे उत्पाद चुनें जिनमें टमाटर की मात्रा अधिक हो और अतिरिक्त चीनी, नमक तथा कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स कम हों। खुले में बिकने वाले या अत्यधिक चमकीले रंग वाले सॉस से बचना बेहतर है। यदि संभव हो तो घर पर तैयार की गई सॉस का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और उपलब्ध चिकित्सा रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

(साभार)

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